खरगोनमध्यप्रदेश

थाई पिंक अमरूद की खेती से संजय बने आत्मनिर्भर

गोगावां जनपद की ग्राम पंचायत जामनिया के सीबार के रहने वाले हैं संजय

थाई पिंक अमरूद की खेती से संजय बने आत्मनिर्भर

 

  📝खरगोन से ब्यूरो चीफ अनिल बिलवे की रिपोर्ट…

खरगोन 08 सितंबर 2025। गोगांवां की ग्राम पंचायत जमनिया के ग्राम सिबर में रहने वाले संजय पिता जगदीश ने मनरेगा योजना के अंतर्गत निजी वृक्षारोपण के माध्यम से अपनी आय में वृद्धि करने में सफलता प्राप्त की है। संजय ने अपने 1 हेक्टेयर भूमि पर थाई पिंक अमरूद के 625 पौधे लगाए हैं जिससे उन्हें अब सालाना 3.5 से 4 लाख रुपये तक की आय हो रही है। थाई पिंक अमरूद की खेती से 27 वर्ष की अल्पायु में ही संजय आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन गए है।

 

संजय ने मनरेगा योजना के अंतर्गत निजी वृक्षारोपण के लिए आवेदन किया था, जिसके तहत उन्हें वर्ष 2023-24 में 3.94 लाख रुपये की सहायता स्वीकृत की गई थी। इस सहायता से उन्होंने अपने खेत में थाई पिंक अमरूद के पौधे लगाए और उनकी देखभाल की। इस प्रजाति के अमरूद का वजन लगभग 300 ग्राम होता है, और प्रत्येक पौधे से 20 से 25 किलोग्राम तक पैदावार होती है, जिसे वे खरगोन, खंडवा और इंदौर के बाजारों में सप्लाई करते हैं। संजय के अनुसार थाई पिंक अमरूद की खेती में ज्यादा खर्च नहीं है। इसके पूर्व वे मिर्ची की खेती करते थे, पर विल्ट फंगस के कारण अक्सर अच्छे दाम नहीं मिलते थे।

 

  • संजय स्वयं एग्रिकल्चर के छात्र रहे हैं और मानते हैं कि पारंपरिक खेती की तुलना में बागवानी बहुत लाभदायक है। वे किसानों और युवाओं की संदेश देना चाहते है कि उनकी ही तरह मनरेगा योजना के अंतर्गत निजी वृक्षारोपण के माध्यम से आय का महत्वपूर्ण स्रोत बनाया जा सकता है।

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